नीमच की सड़कों पर भ्रष्टाचार का तांडव! भाटखेड़ा से जावद चौराहे तक बन रही फोरलेन सड़क अब जनता के लिए 'जीता-जागता काल' बन गई है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर नवीन कुमार अग्रवाल ने प्रशासन की फाइलों में आग लगा दी है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री और कलेक्टर को पत्र लिखकर पूछा है कि जनता की गाढ़ी कमाई से ठेकेदारों की तिजोरियां क्यों भरी जा रही हैं?
खबर के वो कड़वे सच, जो आपको हैरान कर देंगे:
सेटिंग वाली सेंटर लाइन: रसूखदारों और पूंजीपतियों के अवैध निर्माण को बचाने के लिए सड़क के नक्शे (DPR) को ही मोड़ दिया गया। गरीब का घर टूटता है, लेकिन अमीरों के लिए नियम बदल दिए जाते हैं!
मौत का आमंत्रण: सड़क निर्माण में न संकेतक हैं, न रेडियम। अँधेरे में राहगीर इन गड्ढों में गिरकर दम तोड़ रहे हैं। आखिर इन 'हत्याओं' का हिसाब कौन देगा?
पत्थर गायब, कचरा चालू: सड़क के बेस में मजबूत स्टोन की जगह चूरी और कचरा युक्त मिट्टी डाली जा रही है। पहली ही बारिश में यह सड़क ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी।
नालियों में चोरी: नालियों की छत में पर्याप्त लोहा (Steel) नहीं डाला गया है। अभी से स्लैब चटकने लगे हैं, जो भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे रहे हैं।
जलमग्न होगा नीमच: सड़क को दुकानों और मकानों के लेवल से इतना ऊंचा उठा दिया गया है कि बारिश का सारा पानी जनता के बेडरूम में घुसेगा। क्या प्रशासन इंदिरा नगर जैसी त्रासदी का इंतज़ार कर रहा है?