रतलाम (राहुल बैरागी) जावरा के आस- पास विभिन्न 40 सरकारी मंदिरों की लगभग 95 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि खेती के वास्ते लीज पर देने के लिए शुक्रवार को तहसील में नीलामी रखी थी। इसका पुजारियों ने विरोध भी किया है । तप्ति धूप 42 डिग्री से ज्यादा तापमान के बावजूद कांग्रेस नेता के नेतृत्व में भगवान की मूर्ति गोद में लेकर धरने पर बैठ गए। दूसरी ओर केबिनेट मंत्री भरत बैरागी को नीलामी की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल रतलाम कलेक्टर ओर भोपाल सचिवालय में बात कर सभी को अवगत कराया गया, जिससे तत्काल नीलामी रोकने की बात सामने आई, वही प्रशासन को नीलामी भी निरस्त करना पड़ी और पुजारियों को एक मौका दिया है कि वे अपने स्तर पर नीलामी करें। दरअसल तहसीलदार ने एक नीलामी विज्ञप्ति जारी की थी, जिसमें बताया था कि कृषि भूमि वाले मंदिरों की 10 एकड़ भूमि छोड़कर इससे अधिक जो भी भूमि है, उन्हें खेती के लिए 12 मई को लीज पर देने के लिए नीलामी की जाना है। श्री पुजारी संघ उत्थान एवं कल्याण समिति तथा केसरिया हिंदू वाहिनी सनातन कल्याण समिति से जुड़े पुजारी दो दिन से इस नीलामी प्रक्रिया पर आपत्ति ले रहे थे। गुरुवार व शुक्रवार दोनों दिन इन्होंने एसडीएम हिमांशु प्रजापति को ज्ञापन भी दिया। शुक्रवार को तहसील कार्यालय पहुंचे। तहसीलदार लीना जैन ने कहा कि भूमि नीलामी रोक नहीं सकते हैं। आक्रोशित पुजारी कांग्रेस नेता धाकड़ के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। घंटेभर तक धूप में ही धरना चला व नारेबाजी की। समाजसेवी असलम मेव, यूसुफ पठान भी समर्थन में धरना स्थल पहुंचे। राजेश महंत, ईश्वरदास बैरागी, महंत जितेंद्रदास, रघुदास बैरागी, मांगूदास बैरागी, राधेश्याम बैरागी, सत्यनारायण पंडित आदि धरने पर बैठे रहे। आखिर में तहसीलदार ने प्रतिनिधिमंडल को कार्यालय में बुलाया और कहा कि कलेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया है। उन्होंने कहा कि एक मौका पुजारियों को दे सकते हैं।एसडीएम प्रजापति व तहसीलदार जैन का कहना है कि 22 अप्रैल 2023 को सरकार के आदेश आए थे, उसी के मुताबिक ये नीलामी की जा रही थी। पुजारियों के जीवनयापन के लिए 10 एकड़ भूमि रिजर्व करने के बाद जो अतिरिक्त भूमि है, सिर्फ वही लीज पर दे रहे थे। चूंकि इसमें पुजारियों की सहमति भी जरूरी है लेकिन कुछ पुजारी नीलामी के पक्ष में नहीं थे और प्रक्रिया में सहमति नहीं दी। इसलिए तय किया है कि पुजारियों को एक मौका दें। वे अपने स्तर पर पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए उक्त भूमि नीलाम करें तथा इससे जो राशि आएगी उसे कलेक्टर प्रबंधक वाले मंदिर समिति के बैंक खाते में जमा करवाएं। यानी अब उक्त भूमि पुजारियों को नीलाम करवाना होगी। उन्हें सार्वजनिक सूचना देकर पूरी प्रक्रिया करना होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते है तो पुनः प्रशासन हस्तक्षेप करके इनकी नीलामी करवाएगा। नीलामी की जानकारी मिलते ही तुरंत सचिवालय में अवगत कराया और उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर नीलामी रुकवाई गई और cm ने पुजारियों को लेकर अक्षय तृतीया पर जो घोषणा की गई है उसको ध्यान में रखते हुए cm के आदेश का पालन करे । भरत बैरागी केबिनेट मंत्री म.प्र. शासन
NEWS: आक्रोश 40 मंदिरों की 95 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि की लीज नीलाम हो रही थी, केबिनेट मंत्री बैरागी के हस्तक्षेप के बाद रोकी । 42 डिग्री धूप में भगवान को गोद में लेकर धरने पर बैठे मन्दिर पुजारी ।
May 12, 2023
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