रिपोर्टर: चिराग फगवार
शहर में मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब 'एक्शन मोड' में नजर आ रहा है। सोमवार को राजस्व विभाग की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न निजी और सरकारी चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने अस्पतालों के उन कोनों की भी पड़ताल की, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
इन बिंदुओं पर टिकी रही अधिकारियों की नजर
निरीक्षण के दौरान टीम ने मुख्य रूप से निम्नलिखित सुरक्षा मानकों का भौतिक सत्यापन किया:
फायर सेफ्टी सिस्टम: क्या आग बुझाने वाले यंत्र चालू हालत में हैं या सिर्फ शो-पीस बने हैं?
* **सुरक्षा उपकरण:** अलार्म सिस्टम और स्प्रिंकलर की कार्यक्षमता की जांच की गई।
* **प्रशिक्षित स्टाफ:** क्या अस्पताल के कर्मचारियों को पता है कि आग लगने पर सिलेंडर कैसे चलाना है? टीम ने स्टाफ से मॉक ड्रिल के सवाल भी पूछे।
लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह निरीक्षण केवल एक औपचारिकता नहीं है। जिन अस्पतालों में सुरक्षा उपकरण पुराने पाए गए या जहां आपातकालीन रास्तों पर अतिक्रमण मिला, उन्हें **कारण बताओ नोटिस** जारी किए जा रहे हैं।
> *"मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर अस्पताल को तय सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।"*