नीमच | शहर के वार्ड नंबर 17 स्थित अंबेडकर कॉलोनी से एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आ रही है। यहाँ नगरपालिका द्वारा संचालित सुलभ कॉम्प्लेक्स इस कदर जर्जर हो चुका है कि वह कभी भी जमींदोज हो सकता है। यह महज एक सरकारी भवन नहीं, बल्कि क्षेत्र के रहवासियों के लिए एक 'टाइम बम' बन चुका है, जो किसी भी वक्त बड़ी जनहानि का कारण बन सकता है।
### **छत से झांकती मौत: कभी भी गिर सकता है लेंटर**
कॉलोनी के निवासियों में इस समय भारी आक्रोश और डर का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सुलभ कॉम्प्लेक्स की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। छत का प्लास्टर गिर रहा है और दरारें इतनी गहरी हैं कि अंदर जाने वाले व्यक्ति को हमेशा अपनी जान का जोखिम बना रहता है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यहाँ कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है जिसका जिम्मेदार पूरी तरह से प्रशासन होगा।
### **संचालक की लाचारी: "अधिकारियों को बताया, पर सब मौन हैं"**
जब इस गंभीर विषय को लेकर मीडिया ने कॉम्प्लेक्स के संचालक **हरिश्चंद्र** से बातचीत की, तो उन्होंने अपनी बेबसी जाहिर की। हरिश्चंद्र ने बताया:
> "मैंने इस भवन की खतरनाक स्थिति के बारे में संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया है। लेकिन, अब तक किसी ने भी सुध लेना उचित नहीं समझा। हम सिर्फ आश्वासन के भरोसे बैठे हैं, जबकि बिल्डिंग की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।"
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### **नगरपालिका की लापरवाही पर उठे सवाल**
अंबेडकर कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि वे कई बार नगर पालिका के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
* **क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?**
* **क्या आम आदमी की जान की कीमत नगर पालिका की फाइलों से कम है?**
* **मरम्मत के नाम पर बजट का रोना कब तक रोया जाएगा?**
### **निष्कर्ष: सुधरेगा तंत्र या मचेगी चीख-पुकार?**
एक तरफ सरकार स्वच्छता अभियान पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर नीमच के वार्ड 17 का यह सुलभ कॉम्प्लेक्स प्रशासनिक उपेक्षा की जीती-जागती मिसाल बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका की कुंभकर्णी नींद टूटती है या फिर प्रशासन किसी मासूम की जान जाने के बाद ही अपनी फाइलें खोलेगा।