नीमच। जिले के अन्नदाताओं के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का महाअभियान रिकॉर्ड रफ्तार से दौड़ रहा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की लगातार मॉनिटरिंग का ही नतीजा है कि जिले के 31 उपार्जन केंद्रों पर अब तक **9,162 किसानों** से **4,80,511 क्विंटल** से अधिक गेहूं की बंपर खरीदी की जा चुकी है।
**परिवहन में 'सुपरफास्ट' हुआ नीमच, 12 केंद्रों पर 100% काम पूरा**
आमतौर पर खरीदी के बाद मंडियों और केंद्रों पर अनाज सड़ने या परिवहन में देरी की शिकायतें आती हैं, लेकिन इस बार जिला आपूर्ति अधिकारी आर.एन. दिवाकर की टीम ने कमाल कर दिया है। कुल खरीदे गए गेहूं में से **96 प्रतिशत (4,56,691 क्विंटल)** गेहूं का सुरक्षित परिवहन किया जा चुका है।
बड़ी बात यह है कि जिले के **12 उपार्जन केंद्रों पर 100% परिवहन** का काम पूरा हो चुका है, जिससे कूपन और जाम की समस्या खत्म हो गई है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
* समिति नेवड़
* ध्रुव वेयरहाउस
* संस्था चल्दू
* वेदांता वेयरहाउस
* समिति कंजार्डा
* माहेश्वरी वेयरहाउस
#### **भुगतान का 'धमाका': खातों में पहुंचे 102 करोड़ रुपये!**
किसानों के सबसे बड़े सवाल यानी 'पैसा कब आएगा?' का जवाब भी इस बार प्रशासन ने मुस्तैदी से दिया है। जिले में कुल 126 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की राशि किसानों को दी जानी है (जिसमें समर्थन मूल्य और स्टेट बोनस दोनों शामिल हैं)।
प्रशासनिक दावों के मुताबिक, इसमें से **102 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि** सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। जिले में **86 प्रतिशत से अधिक भुगतान** का काम पूरी पारदर्शिता के साथ निपटाया जा चुका है और 97% मामलों में स्वीकृति पत्रक भी जारी हो चुके हैं।
**कलेक्टर की सीधी चेतावनी- लापरवाही बर्दाश्त नहीं!**
सूत्रों के मुताबिक, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा इस पूरे अभियान की प्रतिदिन खुद समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में सभी केंद्र प्रभारियों को हिदायत दी है कि किसानों को धूप, पानी या किसी भी वजह से कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। जो भी भुगतान बचे हैं, उन्हें समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। यही कारण है कि आज नीमच जिले में उपार्जन और भुगतान की यह रफ्तार पूरे मध्य प्रदेश में सराहना बटोर रही है।