नीमच | जब नेतृत्व में मजबूत इच्छाशक्ति हो, तो शहर की तस्वीर बदलते देर नहीं लगती। कुछ इसी अंदाज़ में नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए बिगुल फूंक दिया है। स्वाति चोपड़ा ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब नीमच की स्वच्छता की रैंकिंग बंद कमरों में बैठने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट से नहीं, बल्कि शहर की जनता की 'सच्ची राय' से तय होगी।
मिशन मोड में स्वाति चोपड़ा: जमीन से आसमान तक की तैयारी
नपा अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा केवल आदेश देने में नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखती हैं। उनकी दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि आज नीमच के बाज़ारों, स्कूलों, सरकारी दफ्तरों और प्रमुख चौराहों पर QR कोड आधारित फीडबैक अभियान शुरू किया गया है।
सीधा संवाद: स्वाति चोपड़ा ने जनता को सीधे इस अभियान से जोड़कर कागजी खानापूर्ति को खत्म कर दिया है।
पारदर्शिता: 13 महत्वपूर्ण सवालों के जरिए शहर की सफाई, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और सार्वजनिक शौचालयों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन खुद जनता करेगी।
"स्वच्छता मेरी जिम्मेदारी" – एक नई प्रेरणा
स्वाति चोपड़ा का मानना है कि स्वच्छता एक व्यक्तिगत संस्कार है। उन्होंने शहरवासियों को मोटिवेट करते हुए भावुक अपील की है:
"नीमच सिर्फ एक शहर नहीं, हमारा घर है। जिस तरह हम अपने घर को सजाते हैं, वैसे ही बस 2 मिनट निकालकर अपना फीडबैक दें। आपकी यही राय मेरी सबसे बड़ी ताकत है और यही नीमच को देश के मानचित्र पर नंबर-1 बनाएगी।"
मिशन मालवा न्यूज़ का विश्लेषण: क्यों खास है स्वाति चोपड़ा का यह कदम?
आज के दौर में जहां जनप्रतिनिधि अक्सर जनता से दूरी बना लेते हैं, वहीं स्वाति चोपड़ा ने 'सिटीजन फीडबैक' को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया है। शहर में पेंटिंग कार्य हो, धूल-मिट्टी कम करने के प्रयास हों या सॉलिड क्लीनिंग— नपा अध्यक्ष की पैनी नजर हर व्यवस्था पर है। उनकी यह ऊर्जा और सकारात्मक कार्यशैली नीमच के नागरिकों को एक बेहतर और स्वच्छ भविष्य की गारंटी दे रही है।
अब आपकी बारी है!
मिशन मालवा न्यूज़ आप सभी शहरवासियों से अपील करता है कि नपा अध्यक्ष की इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और नीमच को स्वच्छता के शिखर पर पहुंचाएं