नीमच। शहर की यातायात व्यवस्था वर्तमान में केवल फाइलों और चुनिंदा चालानी कार्रवाई तक सिमट कर रह गई है। जमीनी स्तर पर कमल चौक, सब्जी मंडी चौराहा और पटेल प्लाजा जैसे महत्वपूर्ण पॉइंट्स पर पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।
दिखावे की सख्ती, नियमों की अनदेखी पुलिस विभाग द्वारा सीट बेल्ट, हेलमेट और काली फिल्म के नाम पर की जा रही कार्रवाई महज एक औपचारिक 'कागजी खानापूर्ति' प्रतीत होती है। वास्तविकता यह है कि 'नो एंट्री' के समय भी भारी वाहनों का प्रवेश धड़ल्ले से जारी है, लेकिन इन पर अंकुश लगाने के लिए चौराहों पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं रहता।
खाली पॉइंट्स और बढ़ती अव्यवस्था शहर के मुख्य व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक जवानों की गैर-मौजूदगी के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। जनता का आरोप है कि पुलिस केवल दिखावे के लिए सक्रियता दिखाती है, जबकि धरातल पर आम नागरिक अव्यवस्थित यातायात और सुरक्षा के अभाव में परेशान होने को मजबूर हैं। विभाग की यह लापरवाह कार्यप्रणाली किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रही है।