नीमच | शहर की शांत मानी जाने वाली हुडको कॉलोनी इन दिनों दहशत के साये में है। यहाँ आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि मासूम बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। रविवार को हुई एक दुखद घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
मासूम पर हमला: सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुली
ताज़ा मामला हुडको कॉलोनी के बगीचा नंबर 2 क्षेत्र का है, जहाँ खेल रहे मासूम दिव्यांश सिंह पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर उसे घायल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति और भी भयावह हो सकती थी यदि समय रहते स्थानीय नागरिक मदद के लिए न दौड़ते। घायल दिव्यांश को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है, लेकिन इस घटना ने कॉलोनी के अभिभावकों के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है।
स्थानीय निवासियों में आक्रोश: शिकायतों की अनदेखी का आरोप
मिशन मालवा न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया है कि हुडको कॉलोनी, विशेषकर मकान नंबर 253 और 386 वाली गलियों में आवारा कुत्तों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। रहवासियों का आरोप है कि:
निरंतर अनदेखी: इस गंभीर समस्या के बारे में क्षेत्रीय पार्षद और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई धरातल पर नज़र नहीं आई है।
असुरक्षित माहौल: आए दिन हो रही इन घटनाओं के कारण बुजुर्गों का टहलना और बच्चों का घर से बाहर निकलना असुरक्षित हो गया है।
मिशन मालवा न्यूज़ इस मुद्दे पर तब तक अपनी पैनी नज़र बनाए रखेगा जब तक हुडको कॉलोनी के नागरिकों को इस समस्या से स्थाई समाधान नहीं मिल जाता।
ब्यूरो रिपोर्ट: मिशन मालवा न्यूज़ (सत्यता और निष्पक्षता के साथ, आपकी आवाज़)