नीमच। नीमच जिले में कुंडला, खानखेडी, राजपुरा सहित कुछ जगहों पर गांधीसागर डूब क्षेत्र चंबल नदी से रेत निकालने का गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह में कई सफेदपोश नेता भी शामिल है। प्रशासन शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए पहुंचता है, मौके पर कोई नहीं मिलता है.. नाव और फाइटर पानी में डूबो देता है..मौके पर कोई भी नहीं मिलता है...हर बार यही कार्रवाई होती है, पिछले एक साल के रिकार्ड को देखा जाए तो जिला प्रशासन के राजस्व अधिकारियों के साथ खनिज विभाग के अधिकारियों ने तीन से चार कार्रवाई की, जिसमें फाइटर व नाव पकडी, किन्तु मौके पर कोई नहीं मिला। सभी कार्रवाई में फाइटर व नाव चंबल नदी में डूबो दिए गए। सूत्र बताते है कि रेत माफिया वापस निकाल कर चंबल नदी से रेत निकालने में जुट जाते है। प्रशासन डूबोता है और वे निकाल लेते है।
निचले स्तर तक सांठगांठ— जिला प्रशासन ने अब तक की कार्रवाई में एक भी रेत माफिया के खिलाफ प्रकरण नहीं बनाया, क्योंकि वे मौके पर नहीं रहते है। बताया जा रहा है कि खनिज विभाग, एसडीएम, तहसील कार्यालय व थाने के नीचले स्तर के कर्मचारियों से सीधी सेटिंग है, वे कार्रवाई की खबर पहले ही दे देते है। इसलिए पहले ही भनक लग जाती है। कुछ फाइटर निकाल लिए जाते है तो जो बचते है, उन्हें प्रशासन डूबोकर आ जाता है। मनासा एसडीएम श्रीमति किरण आंजना से इस बारे में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि रेत माफियाओं की तलाश की जा रही है, इस बार फाइटर व नाव चंबल नदी के गहरे पानी में डूबोया है, इसलिए निकालने की संभावना कम है। एक मनासा थाने में जब्त है फाइटर— एक फायटर मनासा थाने में अभी तक पडा हुआ है। पहले किसी कंपनी द्वारा मंगाए जाने की बात कही, किन्तु कंपनी के अधिकारियों ने इनकार किया। इसमें भी राजनीति हो रही है। इसे छुडाने के लिए एक भाजपा नेता लगा हुआ है।