नीमच के चर्चित धनराज उर्फ लाला चौधरी के बेटे हरीश चौधरी के इंदौर में बडे—बडे कारनामें में उजागर हो रहे है। धनराज चौधरी व उसका बेटा हरीश चौधरी "हाथी के दांत दिखाने के अलग होते है और खाने के अलग", कहावत की तर्ज पर लोगों के सामने भोला होने का ढोंग करते है, लेकिन इनके कारनामें महानगर इंदौर में हर किसी को आश्चर्य में डाल रहे है। धनराज चौधरी जो कि अधिकारी और कर्मचारियों के अलावा आम लोगों को अपनी नकली बत्तीसी बताकर असहाय होने का ढोंग करता है, दोनों बाप—बेटे इंदौर में लोगों को टोपी पहनाने का काम कर रहे है। धनराज चौधरी का बेटा हरीश चौधरी बुलडाणा अर्बन को—आपरेटिव बैंक में था, उसने विनोद पालावत की फर्मों को करोडों का लोन दिया और खुद विनोद पालावत की कथित कंपनियों में डायरेक्टर व भागीदार बन गया। इस मामले में ईओडब्ल्यू की जांच चल रही है। वहीं दूसरे कई मामले महाठग हरीश चौधरी के सामने आए है। मुख्य आरोपी विनोद पालावत ने पंजाब नेशनल बैंक, बुलडाणा बैंक से करीब 116 करोड का लोन लिया और हरीश चौधरी और पालावत मिलकर दोनों डाकर गए।
धनराज चौधरी के नीमच में कारनामें—
एक महिला का मकान धोखे से हडपा, किराए पर दिया— नीमच के बंगला नंबर 19 में रहने वाले धनराज पिता भेरूसिंह चौधरी ने आशादेवी राजपूत के मकान की फर्जी रजिस्ट्री करवाई। वर्ष 1993 से महिला कानूनी लडाई लड रही है। धनराज चौधरी इस मकान को बेचता फिर रहा है। यहीं नहीं धनराज चौधरी कई बार अश्लील हरकतें भी कर चुका है। गैन कानूनी रूप से वह आशादेवी के मकान को एक फायनेंस कंपनी व मेडिकल स्टोर्स को किराए पर देकर अवैध लाभ प्राप्त कर रहा है।
बाप का भी निकलेगा अहम रोल—
हरीश चौधरी ने बैंक में रहते हुए महाठगों से दोस्ती कर उनकी कथित फर्मों में हिस्सेदारी रख कर बैंकों के करोडों रूपए हजम कर लिए। उसके पिता धनराज चौधरी का भी उसके आपराधिक गतिविधियों में अहम भूमिका बताई जा रही है। सूत्र बताते है कि हरीश चौधरी के आपराधिक कृत्यों के साक्ष्य मिटाने का काम धनराज चौधरी करता है।
दैनिक भास्कर में छपवाया झूठा विज्ञापन,क्योंकि पैसे देने वाले भूमाफिया थे— धनराज चौधरी खुलेआम बोलता है कि 18 सितंबर 2025 को दैनिक भास्कर में एक विज्ञापन लगाया था, उसका पैसा भूमाफिया भाजपा नेता ने दिया था। इसलिए उसका कुछ नहीं लगा। जब विज्ञापन में लगे आरोपों की जांच हुई तो सभी मिथ्या निकले। आपको बता दे कि उस भाजपा नेता के पुत्र की गिनती नीमच शहर में न तो मर्द में आती है, न ही पूर्ण स्त्रीं में। उसकी हरकतों की वजह से लोग बीच वाला ही मानतें है। सोचने—समझने में शक्तिहीन हो चुके भूमाफिया ने टोपीबाज धनराज चौधरी का सहारा लिया, लेकिन यह फर्जीवाडा ज्यादा दिन तक नीमच में नहीं चल पाया।