छोटीसादड़ी। पोषण माह के तहत गर्भवती, धात्री महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग और आईपीई ग्लोबल के संयुक्त तत्वाधान में छोटीसादड़ी परियोजना के नाराणी सेक्टर के मानपुरा भाटिया आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महिला पर्यवेक्षक मंजुलता धनेटवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम की मुख्य थीम गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और शिशुओं के आहार पर केंद्रित रही। साथ ही जनजातीय पारंपरिक क्षेत्रीय और स्थानीय आहार प्रथाओं पर भी चर्चा की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर से पौष्टिक आहार तैयार कर लाए और उनका प्रदर्शन किया। इसमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थों का उपयोग कर कैसे भोजन को पौष्टिक बनाया जा सकता है, इस पर जोर दिया गया। आईपीई ग्लोबल के सीएसओ पार्टनर, सृष्टि सेवा समिति की पोषण चैंपियन पूजा जाट ने राजपुष्ट कार्यक्रम के अंतर्गत पोषण परामर्श दिया। उन्होंने माँ के पहले गाढ़े दूध को अमृत बताते हुए उसके लाभों की जानकारी दी और कहा कि बच्चे को 6 माह तक केवल माँ का दूध ही पिलाना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना के लाभ और दस्तावेज़ तैयार करवाने की प्रक्रिया पर भी जानकारी दी गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पंकज मैडा ने गर्भावस्था के प्रारंभ से 1000 दिनों के महत्व पर जानकारी दी और कुपोषण को दूर करने के तरीकों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों की गर्भवती महिलाओं की स्थानीय फलों और सब्जियों से गोद भराई की गई और 6 माह पूरे कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी किया गया।