छोटीसादड़ी। प्रतापगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आए कुख्यात तस्कर एवं गैंगस्टर कमल राणा ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। कमल राणा से हुई पूछताछ में मध्यप्रदेश की नीमच पुलिस के 6 पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। प्रतापगढ़ में दो पुलिसकर्मियों को पहले ही तस्करों से मिलीभगत के आरोप में एसपी अमित कुमार ने निलंबित कर दिया है। सोमवार को तस्कर राणा के चार सहयोगियों को मंदसौर और नीमच से गिरफ्तार किया गया है। कॉल डिटेल्स के आधार पर राणा के 23 सहयोगियों की पहचान की गई है। उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। तस्करों के खिलाफ की जा रही इस कार्रवाई के बाद इलाके के तस्करों और उनसे सांठगांठ रखने वाले पुलिसकर्मियों में खलबली मची हुई है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि कुख्यात तस्कर कमल राणा को कुछ दिनों पहले प्रतापगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी है।
23 लोगों को चिन्हित किया गया है।
राणा के साथ तस्करी के कारोबार में कई अन्य लोग भी जुड़े हुए थे। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने ऐसे 23 लोगों को चिन्हित किया है। उसको शरण देने और काली कमाई का साम्राज्य खड़ा करने में इन लोगों का भी हाथ था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 और 30 के तहत ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के नीमच पुलिस अधीक्षक को वहां तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. इन पुलिसकर्मियों की भूमिका जांच में संदेहास्पद पाई गई है। एनडीपीएस की इन धाराओं के तहत आरोपियों को 10 से 20 साल की सजा हो सकती है।
मंदसौर और नीमच से चार आरोपी गिरफ्तार
एसपी अमित कुमार ने जिले के छोटीसादड़ी और धमोतर में थाने में तैनात दो पुलिस कांस्टेबल को पहले ही निलंबित कर दिया है।मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त कमल राणा ने काले कारोबार के जरिए अवैध संपत्तियों का बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया है। इस मामले में छोटीसादड़ी में अलग से प्रकरण दर्ज कर मंदसौर तथा नीमच निवासी भारत सिंह, हस्तीमल, तूफान सिंह और सुधीर कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र के शिरडी से गिरफ्तार किया था
पुलिस अब राणा और उससे जुड़े लोगों की संपत्तियों की पहचान कर रही है। उनकी संपतियों को फ्रीज करने की कार्यवाई की जा रही है। राजस्थान क्राइम ब्रांच की टीम ने कमल राणा और उसके साथियों को महाराष्ट्र के शिरडी से गिरफ्तार किया था। उसके बाद उसे प्रतापगढ़ पुलिस के सुपुर्द किया गया था। राणा पर राजस्थान पुलिस की ओर से 20 हजार और मध्यप्रदेश पुलिस की तरफ से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।