नीमच | डिजिटल युग की चकाचौंध और मोबाइल की लत के बीच नीमच के खेल जगत से एक सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आ रही है। स्थानीय राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम में नन्हे खिलाड़ियों के पसीने की खुशबू और फुटबॉल की किक की गूँज सुनाई देने लगी है। जिला खेल कल्याण विभाग ने 10 से 15 साल के बच्चों के लिए 12 दिवसीय विशेष फुटबॉल प्रशिक्षण शिविर का बिगुल फूंक दिया है।
मैदान में पसीना, भविष्य में सरकारी नौकरी!
शिविर का शुभारंभ करते हुए जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल चौरसिया ने खिलाड़ियों में जोश भरते हुए एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य का रास्ता है। फुटबॉल के हुनरमंद खिलाड़ियों के लिए रेलवे, बैंक, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में नौकरी के दरवाजे खुलते हैं। शासन की खेल नीति के तहत प्रमाण पत्र के आधार पर युवा सीधे रोजगार पा सकते हैं।
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीमती आशा सांभर ने आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया के इस दौर में अगर बच्चे 2 घंटे मैदान को दे रहे हैं, तो यह उनकी आंखों की रोशनी और शरीर की ताकत बढ़ाने वाला कदम है। फुटबॉल खिलाड़ियों को नशे की लत से कोसों दूर रखता है, जो जीवन में उन्नति के लिए सबसे जरूरी है।
पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बृजेश सक्सेना ने नीमच के स्वर्णिम इतिहास को याद दिलाते हुए कहा कि कभी नीमच फुटबॉल का गढ़ हुआ करता था। कालू कप्तान सैनी जैसे दिग्गजों ने नीमच का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। अब उन्हीं के पदचिन्हों पर चलकर नई पौध को तैयार किया जा रहा है।
सेवादल का 'पावर डोज': केमिकल नहीं, नेचुरल डाइट
कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष गजेंद्र यादव ने बच्चों को सावधान करते हुए कहा कि खिलाड़ी बनने के लिए शक्तिशाली शरीर चाहिए, जो केमिकल युक्त कोल्ड ड्रिंक से नहीं, बल्कि प्राकृतिक आहार से बनता है। इसीलिए सेवादल द्वारा शिविर में बच्चों को चने, केले और जूस जैसा पौष्टिक आहार निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
इन दिग्गजों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान खेल जगत की हस्तियों राजू सैनी, मयंक सैनी, मटरू भाई, सलीम भाई और सत्तार भाई का सम्मान किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर शर्मा, श्री शिवहरे, मोहन सिंह, बेबी मेहरा, लतिम पठान, मुकेश कालरा, विमल शर्मा, मदन सिंह धानका, इकबाल कुरैशी सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और पदाधिकारी मौजूद रहे।
खास बातें:
अवधि: 9 मई से 21 मई तक (12 दिन)
समय: प्रतिदिन सुबह 2 घंटे का कड़ा अभ्यास।
उद्देश्य: आत्मनिर्भरता और खेल प्रतिभा को निखारना।
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