नीमच | जिले में कुदरत के कहर (ओलावृष्टि और अतिवृष्टि) ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अफीम, गेहूं, चना और सरसों की फसलें खेतों में बिछ गई हैं। इस कठिन घड़ी में नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार पूरी मुस्तैदी के साथ अन्नदाताओं के बीच पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया।
खेतों की मेड़ पर विधायक: "आपकी सरकार आपके द्वार"
विधायक परिहार ने भंवरासा, पालसोडा और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का तूफानी दौरा किया। कीचड़ और मलबे की परवाह किए बिना वे सीधे खेतों में उतरे और फसलों के नुकसान का जायजा लिया। किसानों का दर्द साझा करते हुए परिहार ने कहा:
> "यह आपदा की घड़ी है, लेकिन किसान भाई खुद को अकेला न समझें। आपकी सरकार आपके साथ खड़ी है। एक-एक पैसे के नुकसान की भरपाई करवाना हमारी प्राथमिकता है।"
मुख्यमंत्री और मंत्रियों से सीधी बात
विधायक ने केवल दौरा ही नहीं किया, बल्कि त्वरित एक्शन लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर जिले की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने मांग की है कि:
* त्वरित सर्वे: राजस्व विभाग की टीम तत्काल खेतों में पहुंचकर वास्तविक क्षति का आकलन करे।
इतना ही नहीं, विधायक परिहार ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा और कृषि मंत्री से फोन पर चर्चा कर नीमच की जमीनी हकीकत बताई, जिस पर मंत्रियों ने हर संभव वित्तीय और प्रशासनिक मदद का ठोस आश्वासन दिया है।
फसलों पर बर्बादी की मार
बता दें कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि से रबी की फसलें पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर हैं। अफीम जैसी कीमती फसल को हुए नुकसान ने किसानों की कमर तोड़ दी है। विधायक के इस सक्रिय रुख से क्षेत्र के किसानों में एक उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट: समरथ सेन, नीमच