नीमच | बदलाव की एक ऐसी कहानी जो आपकी सोच बदल देगी! कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के विजनरी 'पंख अभियान' ने बाछड़ा समुदाय के युवाओं के हाथों में अब हुनर थमा दिया है। ग्राम चड़ोली के अर्जुन ने साबित कर दिया कि अगर सही दिशा और सरकारी मदद मिले, तो कोई भी आत्मनिर्भर बन सकता है।
साकार हुआ सपना:
संत रविदास स्वरोजगार योजना के तहत मिले ₹1,80,000 के ऋण ने अर्जुन की जिंदगी में वह कर दिखाया जो सालों की मेहनत नहीं कर पाई। स्टेट बैंक जावी के सहयोग से खुली एक छोटी सी किराना दुकान आज अर्जुन के परिवार का सबसे बड़ा सहारा बन गई है।
सम्मान के साथ कमाई:
मजदूरी और अनिश्चितता को पीछे छोड़, अर्जुन अब अपने ही गांव में शान से दुकान चला रहा है और हर महीने 12 से 15 हजार रुपये की शुद्ध आमदनी कर रहा है। यह कामयाबी की वह दास्तां है जो पूरे नीमच जिले के युवाओं के लिए मिसाल बन गई है। अर्जुन ने अपनी इस नई जिंदगी के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का दिल से आभार माना है।