नीमच | मेवाड़ के राजा, भगवान श्री सांवलिया सेठ के भक्तों के लिए वह घड़ी आ गई है जिसका उन्हें बेसब्री से इंतज़ार था। 'श्री सांवलिया भक्त मण्डल' के बैनर तले आगामी 4 फरवरी को नीमच की पावन धरा से एक ऐतिहासिक पैदल यात्रा का शंखनाद होने जा रहा है। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था का वह अटूट सफर है जो नीमच को सीधे सांवलिया जी के गर्भगृह से जोड़ेगा।
🚩 आस्था का मार्ग: चौपड़ा चौराहा बनेगा गवाह
इस भव्य पैदल यात्रा का शुभारंभ प्रातः 10:10 बजे नीमच के प्रसिद्ध चौपड़ा चौराहा से होगा। गाजे-बाजे और जयकारों के बीच जब हजारों भक्त केसरिया ध्वज लेकर निकलेंगे, तो पूरा शहर 'सांवलिया सेठ' के रंग में रंगा नज़र आएगा।
🌙 निंबाहेड़ा में होगा भक्तिमयी विश्राम
श्रद्धालुओं के जोश और सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने विशेष इंतज़ाम किए हैं। यात्रा का प्रथम रात्रि विश्राम निंबाहेड़ा में होगा, जहाँ भजन संध्या और सत्संग के बीच भक्त अपनी थकान मिटाकर अगले दिन के सफर के लिए तैयार होंगे।
बड़ी बातें जो इस यात्रा को बनाती हैं खास:
* खुला निमंत्रण: आयोजक अरुल अशोक गंगानगर ने स्पष्ट किया है कि इस महा-यात्रा में शामिल होने के लिए कोई पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। द्वार हर उस भक्त के लिए खुले हैं जिसके मन में सांवलिया सेठ के प्रति अटूट प्रेम है।
* अभूतपूर्व उत्साह: नीमच से लेकर मण्डफिया तक के मार्ग पर जगह-जगह पुष्प वर्षा और स्वागत की तैयारियाँ अभी से शुरू हो चुकी हैं।
* एकता का संदेश: यह यात्रा जाति-पाति से ऊपर उठकर केवल 'भक्त और भगवान' के मिलन का जरिया बनेगी।
आयोजक की अपील: "उठो भक्तों! उठाओ निशान, चलो मनाएं सांवलिया को।" अरुल अशोक गंगानगर ने समस्त क्षेत्रवासियों और धर्मप्रेमी जनता को इस पुण्य लाभ का भागीदार बनने का आह्वान किया है।